बड़ी सफलता: तीन अवैध देशी तमंचे, रिवाल्वर, पिस्टल की बॉडी-नाल समेत भारी मात्रा में असलहा बरामद; मोटरसाइकिल भी बरामद
जमानियां (गाजीपुर)। स्थानीय पुलिस व स्वाट बी टीम ने मंगलवार की देर रात दो बजे क्षेत्र के भैदपुर-बहादुरपुर माइनर पुलिया के पास सिंचाई विभाग के एक जर्जर भवन से भारी मात्रा में निर्मित व अर्धनिर्मित असलहा, कारतूस तथा असलहा बनाने में प्रयुक्त होने वाले उपकरण के साथ तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर क्षेत्र में चल रहे असलहा निर्माण कार्य का भंडाफोड़ करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बुधवार की दोपहर 1 बजे प्रेस कांफ्रेंस कर मीडियाकर्मियों को बताया कि उपनिरीक्षक अश्विनी प्रताप सिंह हमराह पुलिसकर्मियों के साथ 22/23 सितंबर की रात 2 बजे क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। तभी पांडेय मोड़ पर संदिग्ध वाहन और व्यक्तियों की तलाश के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति भैदपुर-बहादुरपुर माइनर पुलिया के पास सिंचाई विभाग के बने एक जर्जर कमरे में मौजूद हैं। सूचना के आधार पर उन्होंने स्वाट टीम-बी के साथ मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तीन आरोपियों को पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पन्ना लाल बिंद (40) पुत्र राजाराम बिंद, निवासी सोइलापुर भूतहिया ताड़, थाना कोतवाली गाजीपुर, मनोज कुमार कुशवाहा उर्फ चम्पी राय (52) पुत्र स्वर्गीय कृष्णनाथ राय, निवासी ताजपुर मांझा, थाना जमानियां तथा सोनू बिंद (26) पुत्र नन्दू बिंद, निवासी सकरा, थाना कोतवाली गाजीपुर के रूप में हुई है।
आरोपियों के कब्जे से 9 चालू हालत के अवैध देशी तमंचे .315 बोर, तीन अर्द्धनिर्मित देशी तमंचे .315 बोर, एक अर्द्धनिर्मित देशी तमंचा .12 बोर, एक अर्द्धनिर्मित .32 बोर रिवाल्वर तथा पांच जिंदा कारतूस .315 बोर बरामद किए। इसके अलावा एक खोखा कारतूस .315, एक अर्द्धनिर्मित पिस्टल बॉडी, एक देशी तमंचे की बॉडी व बट, अर्द्धनिर्मित तमंचों और पिस्टल की नालें, ट्रिगर गार्ड, हैमर तथा असलहा बनाने के उपकरण भी पुलिस के हाथ लगे हैं तथा मौके से एक मोटरसाइकिल का चेसिस नंबर MBLHAW233RHB86113 तथा इंजन नंबर HA11E8RHB51562 भी बरामद हुआ है। पुलिस बरामद मोटरसाइकिल और असलहा निर्माण से जुड़े सामान के संबंध में भी जांच कर रही है।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गिरफ्तार अभियुक्तों के तार बिहार से भी जुड़े होने की बात सामने आई है। यह भी पता लगाया गया है कि असलहा बनाने में प्रयोग होने वाले सामान कहां से लाया जा रहा है। पता लगाया जा रहा है कि असलहा बनाने के बाद किन किन लोगों को बेचा गया, बनाए गए असलहों का कहां कहां सप्लाई किया जाता था।इसके पीछे के सिंडिकेट को बेनकाब करने के लिए टीमें लगाई गई है।

पकड़े गए तीनों अभियुक्त शातिर किस्म के अपराधी हैं, जिनके खिलाफ विभिन्न मुकदमे दर्ज हैं। कहा कि आने वाले दिनों में इससे जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। पकड़े गए आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।








