

गरीबों के हक पर कोटेदार डाल रहा था डाका
कोटेदार का भ्रष्टाचार हुआ उजागर
जमानियां (गाजीपुर)। स्थानीय तहसील के ग्राम पंचायत पचोखर में उचित दर विक्रेता की दुकान के आकस्मिक निरीक्षण में बड़े पैमाने पर खाद्यान्न की कालाबाजारी सामने आई है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के अनुमोदन पर पूर्ति विभाग ने पचोखर के कोटेदार प्रिंस कुमार पासवान के खिलाफ शनिवार की शाम आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही उचित दर विक्रेता का अनुबंध पत्र निलंबित करने की संस्तुति की गई है।
पूर्ति निरीक्षक जमानियां, राज कुमार के नेतृत्व में शनिवार की सुबह हुई आकस्मिक जांच में दुकान पर गेहूं और चावल का स्टॉक निर्धारित मात्रा से काफी कम मिला। अभिलेखों के अनुसार दुकान पर 41.17 कुंतल गेहूं और 175.57 कुंतल चावल की कमी पाई गई। इस तरह कुल 216.74 कुंतल खाद्यान्न कम मिला। जांच में यह भी सामने आया कि दुकान पर आवश्यक सूचनाओं का प्रदर्शन नहीं किया गया था और स्टॉक रजिस्टर व वितरण प्रमाण पत्र समेत मांगे गए अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किए गए।
विभागीय जांच रिपोर्ट के अनुसार अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में क्रमशः 55.52, 56.73 और 54.43 प्रतिशत कार्डधारकों को ही खाद्यान्न वितरित किया गया था। आरोप है कि खाद्यान्न की कालाबाजारी के कारण पात्र गृहस्थी और अंत्योदय कार्डधारकों को कोटेदार द्वारा उनके हिस्से का राशन नहीं दिया गया।
वहीं, नवंबर माह का खाद्यान्न वितरण छह नवंबर से शुरू होना था, लेकिन आरोपी कोटेदार प्रिंस पासवान द्वारा सात नवंबर तक वितरण प्रारंभ नहीं किया गया था। जांच के दौरान दुकान पर उपलब्ध 5 कुंतल गेहूं और 5 कुंतल चावल को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी गांव के ही दूसरे कोटेदार सतीश राय को सौंपी गई है।
पूर्ति निरीक्षक ने राज कुमार ने बताया कि दोषी कोटेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है और जिलाधिकारी से उसका अनुबंध पत्र निरस्त किए जाने की संस्तुति की गई है।

