जमानियां (गाजीपुर)। पारिवारिक न्यायालय बोकारो (झारखंड) के आदेश पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भरण-पोषण की राशि न चुकाने वाले आरोपी विवेक राय निवासी सुहवल की जमीन को नीलाम कर दिया है। गुरुवार को तहसील सभागार में आयोजित इस नीलामी में आरोपी की ग्राम सुहवल मौजा की 2 बीघा 14 बिस्वा 1 धूर जमीन को 42 लाख 25 हजार रुपये की उच्चतम बोली लगाकर विकास राय निवासी सुहवल ने अपने नाम किया।
पूरा मामला बोकारो के प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय अरविंद कुमार की अदालत से जुड़ा है। अदालत ने भरण-पोषण मामला संख्या 38/2004 (सुनीता राय बनाम विवेक राय) में आदेश जारी किया था। इसके तहत ग्राम सुहवल, जमानियां गाजीपुर निवासी विवेक राय पुत्र विजय नारायण राय को अपनी पत्नी सुनीता राय को 15,000 रुपये प्रति माह गुजारा भत्ता देना था। आदेश की लगातार अवहेलना करने के कारण आरोपी पर कुल 37 लाख 20 हजार रुपये की देनदारी बकाया हो गई थी।
अदालत ने गाजीपुर के जिला कलेक्टर को ‘व्यथा वारंट’ जारी कर आरोपी की चल-अचल संपत्ति कुर्क कर 30 दिनों के भीतर वसूली करने के सख्त निर्देश दिए थे। जिसके क्रम में विगत 14 मई 26 को स्थानीय तहसील प्रशासन द्वारा आरोपी की जमीन को कुर्क कर गांव में मुनादी कराया गया।
तय समय के भीतर विवेक राय द्वारा भुगतान नहीं किया गया। तब अदालती आदेश के अनुपालन में गुरुवार को तहसील सभागार में सुहवल मौजा के आराजी नं 1909 स्थित 2 बीघा 14 बिस्वा 1 धूर जमीन की सार्वजनिक नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई। इस नीलामी में कुल चार लोगों ने हिस्सा लिया। जिसमें सुहवल निवासी विकास राय पुत्र धीरेंद्र राय ने सबसे ऊंची 42 लाख 25 हजार रुपये की बोली लगाकर जमीन को खरीद लिया।
सबसे अधिक बोली लगाने वाले विकास राय ने मौके पर ही नीलामी की कुल राशि का एक चौथाई हिस्सा यानी 10 लाख 56 हजार रुपये तहसील के राजस्व विभाग के पास जमा कर दिए। प्रशासन ने उन्हें शेष तीन चौथाई रकम को आगामी 15 दिनों के भीतर हर हाल में चुकता करने का निर्देश दिया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के बड़े बकायेदारों और अदालती आदेशों की अवहेलना करने वालों में हड़कंप मच गया है।
इस मौके पर तहसीलदार राम नारायण वर्मा सहित दीन दयाल शर्मा, अरुण कुमार सिंह, क्लेशन प्रभारी पंकज अग्रवाल, धनंजय सिंह और संग्रह अमीन रामदुलार सिंह आदि कर्मचारी मौजूद रहे।










