जमानियां की रामलीला आयोजन का रास्ता साफ, प्राचीन रामलीला समिति ट्रस्ट को मिली रामलील कराने की अनुमति

जमानियां (गाजीपुर)। पिछले कुछ दिनों से स्थानीय क्षेत्र के बलुआ गंगा घाट पर होने वाले रामलीला के आयोजन को लेकर दो पक्षों में चल रहे चर्चित विवाद पर अब विराम लग गया है। गुरुवार को एसडीएम निधि ने प्राचीन रामलीला समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता को रामलीला कराने की अनुमति दे दी है। जिसके बाद अब बलुआ घाट पर होने वाले रामलीला के आयोजन का रास्ता साफ हो गया है।

एसडीएम द्वारा हरी झंडी मिलते ही प्राचीन रामलीला समिति ट्रस्ट के सदस्यों और नगरवासियों में हर्ष का माहौल है। गौरतलब है कि लंबे समय से प्राचीन रामलीला समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता द्वारा प्रतिवर्ष बलुआ घाट पर रामलीला का आयोजन कराया जाता था। लेकिन इस बार कस्बा बाजार के चंद लोगों ने प्राचीन रामलीला समिति ट्रस्ट के अस्तित्व पर सवाल खड़ा करते हुए एक नई दूसरी रामलीला समिति का गठन कर दिया और रामलीला आयोजन की पूरी तैयारी कर दी।

यहीं से दोनों पक्षों के बीच रामलीला के आयोजन को लेकर एक नया विवाद शुरू हो गया और दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच आक्रोश बढ़ने लगा। स्थिति की गंभीरता को देख स्थानीय प्रशासन की ओर दोनों पक्षों के साथ बार बार बैठकें हुई लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। तब बुधवार को एडीएम वेद सिंह चौहान ने स्थानीय तहसील में पहुंच कर दोनों पक्षों को अलग अलग सुना। लेकिन यहां भी कोई निष्कर्ष नहीं निकला, तब उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी से विचार विमर्श कर निर्णय लिया जाएगा।

इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश व विचार विमर्श के बाद एसडीएम ने समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता के आवेदन पर अपनी मुहर लगा कर 11 से 20 अक्टूबर 26 व 22 अक्तूबर 26 को निर्धारित स्थल बलुआ घाट पर प्राचीन रामलीला समिति ट्रस्ट द्वारा रामलीला कराए जाने की अनुमति दे दी। वहीं नगर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया।

असत्य पर सत्य की हुई जीत –

एसडीएम द्वारा अनुमति दिए जाने के बाद समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता ने जिला व स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों का धन्यवाद व आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों ने सूझ बूझ व निष्पक्ष रूप से अपना निर्णय देकर चल रहे विवाद का समाधान किया है।

उन्होंने कहा कि नगर के कुछ लोगों द्वारा मेरी छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से एक सुनियोजित साजिश रच कर गलत तरीके से नए रामलीला समिति का गठन कर दिया। लेकिन सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं और अंत में असत्य पर सत्य की ही जीत होती है। नगरवासियों ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, उसका मै आभारी हूं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *