जमानियां (गाजीपुर)। हेतिमपुर जलालपुर मौजा एनएच 24 पर स्थित सिद्धार्थ नर्सिंग होम एंड पैरामेडिकल कॉलेज पर रविवार की सुबह करीब 8 बजे उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब एक गर्भवती महिला की प्रसव के बाद हालत बिगड़ने पर अचानक उसकी मौत हो गई। इसके बाद नाराज परिजनों ने मेडिकल कालेज के सामने ही एनएच 24 को कुछ देर के लिए जाम कर हंगामा शुरू कर दिया और चिकित्सक व नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने नाराज परिजनों को समझबुझा कर जाम समाप्त कराया।
बताया जा रहा है कि सब्बलपुर निवासी अनिल बिंद की गर्भवती पत्नी बंदना की प्रसव पीड़ा बढ़ने पर उसे एनएच 24 स्थित एक रेस्टोरेंट के सामने हेतिमपुर के जलालपुर मौजा स्थित सिद्धार्थ नर्सिंग होम एंड पैरामेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां एक महिला चिकित्सक द्वारा रात करीब 10 बजे बंदना का ऑपरेशन कर प्रसव कराया गया। प्रसव के दौरान बंदना ने एक पुत्र और एक पुत्री को जन्म दिया।
प्रसव के बाद रक्त श्राव अधिक होने से ब्लड की मांग करने पर परिजनों ने ब्लड दिया, फिर दोबारा ब्लड मांग की गई तब जिले के सिंह हॉस्पिटल से ब्लड मंगा कर दोबारा ब्लड दिया गया। परिजनों का आरोप है कि बंदना की हालत के बारे में पूछने पर नर्सिंग होम के कर्मियों ने सब ठीक ठाक बताया। लेकिन प्रसूता बंदना से पूछा गया तो उसने जान न बचने की बात कही।
इसी बीच करीब चार बजे भोर में बंदना की हालत ज्यादा बिगड़ गई, तब सिद्धार्थ नर्सिंग होम एंड पैरामेडिकल कालेज के चिकित्सक व कर्मी प्रसूता बंदना को निजी वाहन से लेकर परिजनों को बिना बताए वाराणसी के कुछ निजी अस्पताल में ले गए जहां उसे मृत घोषित किया गया। तब तक पीछे से बंदना के परिजन भी वाराणसी पहुंच गए। इसके बाद नर्सिंग होम के चिकित्सक व कर्मियों के हांथ पांव फूलने लगे और वे बंदना को मृत अवस्था में छोड़कर वहां से फरार हो गए।
तब बंदना के परिजन उसके शव को एंबुलेस से लेकर फिर सिद्धार्थ नर्सिंग होम कॉलेज के गेट पर पहुंच गए और नर्सिंग होम के खिलाफ हंगामा कर एनएच सड़क जाम कर दिए। मौके पर पहुंची पुलिस बंदना के शव के साथ पीड़ित पक्ष के लोगों को कोतवाली पहुंचने को कही। बहरहाल मृतका के परिजन और गांव के महिला पुरुष नर्सिंग होम पर कार्रवाई की उम्मीद को लेकर बंदना के शव के साथ कोतवाली पहुंच गए।
इस दौरान घटना से आक्रोशित महिलाएं कोतवाली के सामने ही करीब 10 मिनट तक दोबारा एनएच 24 पर सड़क जाम कर दिया और पुलिस के समझाने के बाद जाम समाप्त किया। घंटे भर की खींचतान के बाद मृतका बंदना के परिजनो ने सुलह समझौता कर मामले को रफा दफा कर दिया और नर्सिंग होम के खिलाफ कोई लिखित शिकायत नहीं की।

