बिहार के सेना के जवान का जमानियां के श्मशान घाट पर हुआ अंतिम संस्कार, नम आँखों से दी गई अंतिम विदाई

जमानियां (गाजीपुर)। बिहार के चर्चित सहुका गांव हत्याकांड में जला कर मारे गए सेना के जवान शत्रुघ्न यादव का अंतिम संस्कार शुक्रवार की दोपहर स्थानीय क्षेत्र के बड़ेसर गंगा श्मशान घाट पर नम आंखों से किया गया। इस दौरान अंतिम यात्रा में शामिल सेना के जवान, शौर्य संगठन के सेवानिवृत्त जवान और भारी संख्याएं बिहार से आए लोगों ने सेना के दिवंगत जवान शत्रुघ्न यादव को सलामी देकर उन्हें अंतिम विदाई दी।इस दौरान श्मशान घाट पर भारत माता की जय, शत्रुघ्न यादव अमर रहे, वंदे मातरम् के जयघोष गूंजते रहे। शत्रुघ्न यादव को मुखाग्नि उनके पिता बिल्लू यादव ने दी। इस दौरान घाट पर मौजूद हर किसी की आंखे नम हो गई। गौरतलब है कि आर्मी के जवान शत्रुघ्न यादव की असम में तैनाती थी। बीते 6 सितंबर को छुट्टी लेकर वह अपने पैतृक घर सहुका, रामगढ़, जनपद कैमूर बिहार आए थे। बताया जा रहा है कि शत्रुघ्न यादव कोई जमीन खरीदने के लिए आरोपी बीरेन्द्र को 16 लाख रुपए दिए थे। लेकिन वह न तो जमीन दिला रहा था और ना ही उनके रुपए वापस कर रहा था।

इस दौरान श्मशान घाट पर भारत माता की जय, शत्रुघ्न यादव अमर रहे, वंदे मातरम् के जयघोष गूंजते रहे। शत्रुघ्न यादव को मुखाग्नि उनके पिता बिल्लू यादव ने दी। इस दौरान घाट पर मौजूद हर किसी की आंखे नम हो गई।

गौरतलब है कि आर्मी के जवान शत्रुघ्न यादव की असम में तैनाती थी। बीते 6 सितंबर को छुट्टी लेकर वह अपने पैतृक घर सहुका, रामगढ़, जनपद कैमूर बिहार आए थे। बताया जा रहा है कि शत्रुघ्न यादव कोई जमीन खरीदने के लिए आरोपी बीरेन्द्र को 16 लाख रुपए दिए थे। लेकिन वह न तो जमीन दिला रहा था और ना ही उनके रुपए वापस कर रहा था।

तब परेशान होकर शत्रुघ्न यादव अपने दिए हुए रुपए वापस मांगने लगे। बार बार रुपए मांगने से परेशान होकर आरोपी ने शत्रुघ्न यादव को ठिकाने लगाने की साजिश रच डाली और उसी साजिश के तहत 9 सितंबर की भोर करीब 4 बजे आरोपियों ने शत्रुघ्न यादव को रुपए देने के बहाने रामगढ़ वार्ड नं 1 स्थित अपने घर पर बुला लिया। जहां पहले से ही शत्रुघ्न को मौत की नींद सुलाने की तैयारी हो चुकी थी। शत्रुघ्न, आरोपी के घर पहुंचे जहां रुपए वापस करने को लेकर विवाद हो गया। इसी दौरान आरोपियों ने मिलकर शत्रुघ्न के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दिया।लेकिन आग से गंभीर रूप से झुलसे शत्रुघ्न वहां से अपनी जान कर किसी तरह से भाग निकले और परिजनों तथा पुलिस को घटना की जानकारी दी। आनन फानन में उन्हें पहले निजी अस्पताल और फिर बाद में लखनऊ स्थित आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां वह जिंदगी और मौत की जंग लड़ते लड़ते जिंदगी से जंग हार गए। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद बिहार के रामगढ़ में ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और रामगढ़ में मुख्य सड़क पर प्रदर्शन कर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। बिहार पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया तो वहीं इस घटना में शामिल अन्य हत्यारोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे बिहार को झकझोर दिया। वहीं मृतक जवान शत्रुघ्न की पत्नी रिंकू अपने 20 दिन की अबोध बच्ची के साथ बेसुध है।

लेकिन आग से गंभीर रूप से झुलसे शत्रुघ्न वहां से अपनी जान कर किसी तरह से भाग निकले और परिजनों तथा पुलिस को घटना की जानकारी दी। आनन फानन में उन्हें पहले निजी अस्पताल और फिर बाद में लखनऊ स्थित आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां वह जिंदगी और मौत की जंग लड़ते लड़ते 16 सितंबर की रात करीब साढ़े आठ बजे जिंदगी की जंग हार गए।

इस दुस्साहसिक वारदात के बाद बिहार के रामगढ़ में ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और रामगढ़ में मुख्य सड़क पर प्रदर्शन कर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। बिहार पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया तो वहीं इस घटना में शामिल अन्य हत्यारोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।

इस हृदयविदारक घटना ने पूरे बिहार को झकझोर दिया। वहीं मृतक जवान शत्रुघ्न की पत्नी रिंकू अपने 20 दिन की अबोध बच्ची के साथ बेसुध है।

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