रेल ट्रैक पर मिले अज्ञात युवक के शव की हुई शिनाख्त, रक्षाबंधन से पहले टूटा एक बहन का सपना

✍️ प्रदीप शर्मा

जमानियां (गाजीपुर)। दरौली और स्थानीय स्टेशन के बीच किलोमीटर संख्या 705 के 28/29 पर सोमवार की सुबह रेल ट्रैक पर दो टुकड़ों में मिले शव की पहचान गाजियाबाद जिले के आदर्श नगर, सौम्य बाजार के खोड़ा कालोनी निवासी पिता आलोक सिंह ने बुधवार को स्थानीय थाना पर पहुंच कर शव की पहचान अपने 25 वर्षीय एकलौते पुत्र ऋषभ सिंह के रूप में की। अज्ञात मृतक की पहचान होने के बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू की।

मृतक के पिता आलोक ने बताया कि उनका इकलौता बेटा ऋषभ ग्रेजुएशन करने के बाद भर्ती की तैयारी कर रहा था। इसी क्रम में बिहार पुलिस भर्ती की परीक्षा देने के लिए वह बीते 26 जुलाई 25 को घर से पटना बिहार जाने के लिए निकला था। जहां पहुंच कर उसने परीक्षा दी और 27 जुलाई की शाम करीब 5 बजे वापस घर लौटने के लिए पटना जंक्शन से ट्रेन नं 12367 भागलपुर आनंद विहार विक्रमशिला एक्सप्रेस में बैठ गया और फोन कर घर लौटने की जानकारी दी।

इसके बाद रात करीब 8:40 बजे अचानक उसका फोन लगातार स्विच ऑफ बताने लगा। 28 जुलाई की सुबह जब वह घर नहीं लौटा तो पुत्र की चिंता सताने लगी। जब उसके मोबाईल फोन के लोकेशन की जांच कराई गई तो उसका फोन स्थानीय थाना क्षेत्र के दरौली शिव मंदिर के आस पास मिला। जिसके आधार पर स्थानीय कोतवाली पहुंच कर घटना की जानकारी ली। जहां पुलिस द्वारा एक अज्ञात युवक के ट्रेन से कटने की जानकारी दी गई।

फोटो : रेल पटरी पर पड़ा ऋषभ का शव

मृतक के कपड़े को देखकर उसकी पहचान अपने पुत्र ऋषभ सिंह के रूप में की। पिता आलोक सिंह ने बताया कि पुत्र ऋषभ की पुलिस बनने का सपना था, लेकिन उसके असामयिक मौत के साथ ही उसका सपना टूट गया । ऋषभ अपने पिता की दो संतानों में एक भाई और एक बहन थे। इसमें ऋषभ बड़ा था और बहन छोटी थी।

ऋषभ के बहन की राखी बांधने की ख्वाहिश रह गई अधूरी-

रक्षाबंधन का त्योहार नज़दीक है। हर बहन इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रही है, जब वह अपने भाई की कलाई पर प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक राखी बांधेगी। इसी उम्मीद और उत्साह में छोटी बहन राशी भी रक्षाबंधन की तैयारियों में जुटी थी अपने इकलौते भाई ऋषभ को राखी बांधने के लिए, लेकिन उसे क्या पता था कि इस बार उसकी राखी भाई के कलाई तक पहुंच ही नहीं पाएगी और रक्षाबंधन के इस पवित्र रिश्ते की डोर इस बार बिना बांधे ही टूट जाएगी। उधर अपने जिगर के टुकड़े एकलौते पुत्र की दर्दनाक मौत की सूचना मिलते ही मां मालती देवी बेसुध हो गई।

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