जमानियां (गाजीपुर)। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से जमानियां क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। सोमवार को गंगा का जलस्तर 58.150 मीटर दर्ज किया गया, जबकि पानी करीब पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की निगाहें लगातार गंगा के जलस्तर पर टिकी हैं।
स्थानीय क्षेत्र के मतसा, जीवपुर, सब्बलपुर और देवरिया बाड़ सहित अन्य तटवर्ती इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को संभावित बाढ़ की चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में इसी तरह तेजी से वृद्धि जारी रही तो निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। इससे आवागमन के साथ ही दैनिक जीवन भी प्रभावित होने की आशंका है।
गंगा का पानी बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों में खेतों में खड़ी फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि बाढ़ का पानी खेतों में पहुंचा तो फसलों को नुकसान होने के साथ खेती की लागत भी प्रभावित होगी। नदी के किनारे के निचले खेतों में पानी भरने की आशंका को लेकर किसान लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
तटवर्ती गांवों में पशुपालकों को अपने मवेशियों की सुरक्षा और चारे की व्यवस्था की चिंता सता रही है। बाढ़ की स्थिति बनने पर पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के साथ उनके लिए चारा और पानी की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की व्यवस्था करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए समय रहते आवश्यक तैयारियां शुरू किया जाना जरूरी है। तटवर्ती इलाके के लोग जलस्तर में होने वाले हर बदलाव पर नजर रख रहे हैं।
गंगा के बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती इलाकों में बढ़ी चिंता, फसल व पशुओं को लेकर किसानों की चिंता




