फर्जी नौकरी के नाम पर ठगी के आरोपी की 4.40 करोड़ की संपत्ति कुर्क

गहमर (गाजीपुर)। गाजीपुर जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गहमर और रेवतीपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रकम वसूलने के मामले में चिन्हित गैंगलीडर विनोद कुमार गुप्ता पुत्र उमाशंकर गुप्ता, निवासी नगदिलपुर उर्फ दुल्लहपुर, थाना रेवतीपुर की करीब 4 करोड़ 40 लाख रुपये की अचल संपत्ति कुर्क की है।

पुलिस के मुताबिक, विनोद कुमार गुप्ता “ऊं श्री बक्सू बाबा एकेडमी” नाम से एक संस्था संचालित करता था। आरोप है कि एकेडमी के माध्यम से बच्चों और अभ्यर्थियों को फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने का झांसा देकर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र देकर उनसे मोटी रकम वसूल करता था।

इस मामले में गहमर थाना प्रभारी निरीक्षक की ओर से 24 अगस्त 2026 को भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक गाजीपुर ने 27 अगस्त को कुर्की की संस्तुति की थी। इसके बाद जिलाधिकारी गाजीपुर द्वारा गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कुर्की आदेश पारित किया गया।

इसी आदेश के क्रम में आज रविवार को गहमर और रेवतीपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने तहसीलदार (प्रशासक) एवं राजस्व टीम, तहसील सेवराई के साथ मिलकर आरोपी की चिह्नित अचल संपत्तियों को कुर्क कर जब्तीकरण की कार्रवाई की।

दो भूखंडों पर हुई कुर्की

पुलिस की ओर से जारी विवरण के अनुसार कुर्क की गई संपत्तियों में –

  1. मौजा उतरौली, परगना जमानियां, तहसील सेवराई:
    आराजी संख्या 17 में 0.3770 हेक्टेयर भूमि, जिसकी अनुमानित वर्तमान बाजार कीमत करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार यह भूमि विनोद कुमार गुप्ता द्वारा संग्राम पुत्र स्वर्गीय दशरथ निवासी उतरौली से खरीदी गई थी।
  2. मौजा दुल्लहपुर, परगना जमानियां, तहसील सेवराई:
    आराजी संख्या 34 में संबंधित अंश की करीब 591.6 वर्गमीटर भूमि, जिसकी अनुमानित वर्तमान बाजार कीमत करीब 3 करोड़ 30 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार यह संपत्ति चम्पा देवी पत्नी विदेशी निवासी परमानन्दपुर से विनोद कुमार गुप्ता द्वारा खरीदी गई थी।

पुलिस के अनुसार दोनों संपत्तियों की कुल अनुमानित बाजार कीमत 4 करोड़ 40 लाख रुपये है।

संगठित अपराध से अर्जित संपत्ति का आरोप

पुलिस का कहना है कि विनोद कुमार गुप्ता ने अपने गैंग के सदस्यों और आपराधिक सहयोगियों को आर्थिक व भौतिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन को संपत्तियों में निवेश किया। जांच के आधार पर इन संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के दायरे में लाया गया।

कुर्की की कार्रवाई के दौरान क्षेत्राधिकारी जमानियां, प्रभारी निरीक्षक गहमर मय पुलिस टीम, प्रभारी निरीक्षक रेवतीपुर मय पुलिस टीम तथा तहसीलदार (प्रशासक) और नायब तहसीलदार, तहसील सेवराई सहित पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *