जमानियां (गाजीपुर)। स्थानीय क्षेत्र के बलुआ गंगा घाट पर उस वक्त माहौल बिगड़ने से बच गया, जब शनिवार की शाम करीब 6 बजे गलत तरीके से कुछ लोगों द्वारा बिना प्रशासनिक अनुमति के रामलीला मंचन कराने की तैयारी की जाने लगी। सूचना मिलते ही पुलिस ने नोंकझोंक के बाद 4 लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली चली गई।

बलुआ घाट पर रामलीला मंचन के आयोजन को लेकर दो पक्षों में चल रहे विवाद के बाद प्रशासन द्वारा एक पक्ष के प्राचीन रामलीला समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता को 11 अक्टूबर से बलुआ घाट पर रामलीला का आयोजन कराने की लिखित अनुमति दिया गया था। जिसके तहत रामलीला समिति ट्रस्ट के लोग शनिवार की शाम बलुआ घाट स्थित रामलीला मंच की साफ सफाई कराने पहुंचे। जहां पहले से ही दूसरे पक्ष के लोग पांच दिन से चल रहे हरिकीर्तन के समापन के बाद हवन पूजन के साथ ही बिना प्रशासनिक अनुमति के रामलीला मंचन की तैयारी करने लगे।

इसकी जानकारी होते ही अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता ने मंच खाली कराने के लिए पुलिस प्रशासन को प्रार्थना पत्र दिया। वहीं मंच की साफ सफाई कराने पहुंचे लोग भी मंच पर ही बैठकर हरिकीर्तन करने लगे। इसकी भनक लगते ही नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में जमानियां कोतवाल योगेंद्र सिंह नगसर व दिलदारनगर थाने की फोर्स के साथ पहुंच गए और बिना अनुमति के रामलीला मंचन की तैयारी कर रहे आयोजकों से मंच खाली करने को कहा, लेकिन वे मंच खाली करने को तैयार नहीं हुए।

इस दौरान आयोजकों और पुलिस के बीच काफी नोंकझोंक भी हुई। कथित रूप से गलत तरीके से बनाए गए नए रामलीला समिति के अध्यक्ष अरविंद वर्मा ने किसी अन्य स्थान पर रामलीला कराने की अनुमति मांगी। जिसपर कोतवाल योगेंद्र सिंह ने कहा कि बिना पूर्व अनुमति के नई परंपरा या धार्मिक आयोजन की अनुमति नहीं है। इस घटना की जानकारी होते ही बलुआ घाट पर भारी संख्या में भीड़ जुट गई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मंच खाली नहीं करने पर अड़े नारायण दास चौरसिया उर्फ टुनटुन, गोविंददास चौबे, सोनू वर्मा और मुन्ना गुप्ता को खींचते हुए टांगकर पुलिस वाहन में बैठा दिया और कोतवाली ले गई। इसके बाद मंच खाली कराकर वहां पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई।
अब लोगों की निगाह इस बात पर टिकी है कि क्या हिरासत में लिए गए लोगों को पुलिस, राजनीतिक दबाव में आकर बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही छोड़ देगी या शांति भंग, अराजकता फैलाने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने आदि प्रकार के मामलों में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करेगी।








