सेवराई (गाजीपुर)। स्थानीय तहसील क्षेत्र के करहिया ग्राम सभा के मौजा अहिवरनपुर में भीटा की सुरक्षित जमीन पर कथित अतिक्रमण का मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अजय सिंह ने उपजिलाधिकारी से शिकायत कर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, मौजा अहिवरनपुर में गाटा संख्या 79ख, रकबा 1.063 हेक्टेयर भूमि भीटा के रूप में दर्ज है। आरोप है कि इस जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर मकान आदि बना रखे हैं। मामले में प्रशासनिक स्तर पर पहले ही बेदखली का आदेश पारित किया जा चुका है।
तहसीलदार कोर्ट ने दिया था बेदखली का आदेश
आवेदन में बताया गया है कि तहसीलदार सेवराई की अदालत ने 21 मई 2024 को धारा 67(1) के तहत बेदखली का आदेश पारित किया था। यह आदेश काशीनाथ पाल, रामाज्ञा राय, हरदास राय, कैलाश राय, मनई राय, बहादुर राय, रामाज्ञा राजभर और बिरजू राय के खिलाफ बताया गया है। सभी संबंधित लोग करहिया गांव, तहसील सेवराई, जिला गाजीपुर के निवासी बताए गए हैं।
तहसीलदार के आदेश के खिलाफ संबंधित लोगों की ओर से गाजीपुर जिलाधिकारी न्यायालय में अपील की गई थी। आवेदन में दावा किया गया है कि इस अपील पर अपर जिलाधिकारी (वि./रा.), गाजीपुर की अदालत ने 14 अक्टूबर 2024 को अपील खारिज कर दी।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अजय सिंह ने एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि जब तहसीलदार सेवराई की अदालत से बेदखली का आदेश पारित हो चुका है और उसके खिलाफ दाखिल अपील भी खारिज हो चुकी है, तो आदेश का अनुपालन कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से 21 मई 2024 के बेदखली आदेश को प्रभावी रूप से लागू कर भीटा की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।
आवेदक की ओर से शिकायत के साथ धारा 67(1) और 67(5) से संबंधित आदेशों की प्रतियां तथा मौके पर बने मकानों की तस्वीरें भी उपलब्ध कराए जाने के बाद अब देखना होगा कि पूर्व में पारित न्यायिक आदेशों के अनुपालन में राजस्व विभाग की ओर से मौके पर कार्रवाई कब तक की जाती है और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कब कराया जाता है।








