जमानियां (गाजीपुर)। भारतीय रेलवे एक तरफ जहां रेल यात्रियों के लिए तमाम तरह की सुविधाएं देने का दावा करता है तो वहीं दूसरी तरफ रेल कर्मचारियों की लापरवाही से रेल यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ताजा मामला मंगलवार की सुबह का है, जहां स्थानीय रेलवे स्टेशन के आरक्षण टिकट काउंटर पर तैनात बुकिंग क्लर्क उपेन्द्र कुमार की घोर लापरवाही से आरक्षित टिकट बनाने का कार्य करीब पौने दो घंटे बाद शुरू हुआ। जिसका खामियाज रेल यात्रियों को उठाना पड़ा। रिजर्वेशन टिकट के लिए पहुंचे यात्रियों ने बताया कि आरक्षण टिकट काउंटर सुबह 8 खोल तो दिया गया। लेकिन टिकट बनाने के लिए बुकिंग क्लर्क उपेन्द्र कुमार अभी अपने घर से ड्यूटी पर नहीं पहुंचे थे।
इस दौरान टिकट बनवाने के लिए पहुंचे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हावड़ा अमृतसर पंजाब मेल से सुबह करीब 9:50 बजे जब बुकिंग क्लर्क आया तब जाकर आरक्षण टिकट बनाने का कार्य शुरू हुआ।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक आरक्षण टिकट काउंटर पर तैनात बुकिंग क्लर्क उपेन्द्र कुमार अपनी ड्यूटी पूरी करके ट्रेन पकड़ कर बिहार अपने घर चले जाते हैं और सुबह ट्रेन पकड़ कर पुनः ड्यूटी करने के लिए स्थानीय स्टेशन पर आते हैं। ऐसे में जिस दिन ट्रेन विलंब से आता है उस दिन टिकट बुकिंग का कार्य देर से शुरू होता है। अब सवाल यह उठता है कि क्या ट्रेन के भरोसे रेल कर्मचारी अपनी ड्यूटी करेंगे ?
इस संबंध में स्थानीय रेलवे स्टेशन के बुकिंग सुपरवाइजर मारूफ खान ने बताया कि रेल विभाग द्वारा यहां आवास उपलब्ध नहीं कराया गया है, इसलिए रेल कर्मचारी अपनी ड्यूटी पूरा करके वापस अपने घर चले जाते हैं और सुबह ट्रेन पकड़ कर फिर वापस आ जाते हैं। ऐसे में ट्रेन के विलंब होने से कर्मचारी देर से पहुंचते हैं जिससे कार्य प्रभावित होता है।










