जमानियां (गाजीपुर)। क्षेत्र के लटिया गांव में भारत लेनिन अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद के जयंती व सम्राट अशोक के विचारों को जन जन तक पहुँचाने के लिए सम्राट अशोक क्लब की 30 वीं संगीति कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को भव्यता के साथ हुआ।
मुख्य अतिथि राजकीय प्रांतीय गवर्नर धम्मयुक्त निकाय थाईलैंड फ्रा अनिल शाक्य ने सम्राट अशोक के लाट स्थल पर पहुंच कर पंचशील दीप प्रज्जवलित किया और पुष्प अर्पित किया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर धम्म ध्वज को एसडीएम ज्योति चौरसिया ने, राष्ट्रीय ध्वज को सम्राट अशोक क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रविंद्र मौर्य ने क्लब का ध्वजारोहण कर सामूहिक रूप से पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुख्य अतिथि को बुके, स्मृति चिंह व अंगवस्त्रम देकर सम्मानीत किया। इसके बाद अन्य अतिथियों का भी सम्मान किया गया। स्वागत गीत रामनिवास राहुल द्वारा प्रस्तुत किया गया। विश्व समुदाय के साथ मधुर संबन्ध बनाने में भगवान बुद्ध एवं सम्राट अशोक महान के विचारों की प्रासंगिता विषय पर बोलते हुए मुख्य अतिथि राजकीय प्रांतीय गवर्नर धम्मयुक्त निकाय थाईलैंड फ्रा अनिल शाक्य ने कहा कि तथागत गौतम बुद्ध की देशों द्वारा विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने का संदेश दिया गया है। जिसको अपना कर सम्राट अशोक विश्व में महान बने।
प्रोफेसर डॉ. अरुण यादव विभाग प्रमुख पाली भाषा एवं चीनी बौद्ध सहित्य बीएचयू वाराणसी ने कहा कि पुरानी धरोहरों को वर्तमान समय में संभालना चुनौती है। कर्म के आधार पर बराबरी की बात करने वाले महानतम पुत्र भगवान गौतम बुद्ध को भूल गए है। इस पर चिंतन की जरूरत है। लेकिन लटिया महोत्सव में जुटी भीड़ भगवान बुद्ध के उदय का प्रतीक है। अगर सम्राट अशोक स्तंभ नहीं लगाते तो बुद्ध को नहीं जान पाते। यहां स्तंभ होना यह बता रहा है कि यहां भगवान बुद्ध भी रहे होंगे। जो इतिहास को याद नहीं रखता इतिहास उसको भुला देता है।
वहीं नेपाल सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. केशवमान शाक्य ने भारत नेपाल के मैत्री संबंध को बताया। कहा कि सम्राट अशोक ने धार्मिक मिशन फैलाया उसको जन जन तक पहुंचाने की जरूरत है। भगवान बुद्ध का जड़ भारत में है। सम्राट अशोक क्लब जड़ में पानी सिंचित करें ताकि बुद्ध का जड़ उदय हो।
मुख्य वक्ता डॉ. सच्चिदानंद मौर्य ने कहा कि भगवान बुद्ध का दर्शन ही एक इंसान को दूसरे इंसान के साथ, एक देश को दूसरे देश के साथ मधुरता से जोड़ने का व्यावहारिक ज्ञान देता है। यही वजह है कि भगवान बुद्ध के विचारों का विश्व में अधिकतम जनमानस अनुयाई है। इसलिए विश्व समुदाय को एक साथ जोड़ते हुए सम्राट अशोक ने भगवान बुद्ध के विचारों को ही अंगीकार किया। आज भी हमारे देश के प्रतिनिधि विदेशी धरती पर जाते हैं तो दुनिया को भारत से जोड़ने के लिए भगवान बुद्ध का ही नाम लेते हैं।
जापान से पहुंचे धम्मगुरु जेनसुई तेरेसावा ने कहा कि बुद्ध के संदेश ने दुनिया को शांति दिया है।इसलिए बुद्ध के संदेशों को अपने जीवन में उतारें। धम्म मार्गदर्शक पूज्य धर्म गुरु भन्ते धम्मसरण ने कहा कि भगवान बुद्ध ने शांति व मैत्री का संदेश दिया है। जिसको आत्मसात करने की जरूरत है। पूरे विश्व में आज गौतम बुद्ध के विचारों को स्वीकार जा रहा है।
इस मौके पर आयोजन समिति के अध्यक्ष धनंजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संतोष कुशवाहा, जीवन दीप मौर्य, दीनानाथ मौर्य, शत्रुघ्न शाक्य, आरपी मौर्य, विभा सिंह, रामेश्वर कुशवाहा, अभिषेक राय, कृष्णानंद मौर्य सहित सभी प्रदेशों के अध्यक्ष एवं उनकी टीम रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. रविंद्र मौर्य राष्ट्रीय अध्यक्ष सम्राट अशोक क्लब तथा संचालन राजेश मौर्य राष्ट्रीय संयोजक ने किया।










