भाकपा-माले का 14वां जिला सम्मेलन शुरू, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और जन आंदोलनों को गांव-गांव तक पहुंचाने पर होगी चर्चा
गाजीपुर । वोट चोरी, बुलडोजर-इनकाउंटर राज और नफरत की राजनीति के खिलाफ सम्मानजनक एवं सुरक्षित जीवन और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) का 14वां जिला सम्मेलन गुरुवार को लंका मैदान स्थित एक मैरेज हॉल में शुरू हुआ। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा, सामाजिक एकता और जन आंदोलनों को मजबूत करने पर जोर दिया।
सम्मेलन की अध्यक्षता नंदकिशोर बिंद ने की, जबकि संचालन योगेंद्र प्रताप भारती ने किया। सम्मेलन का उद्घाटन भाकपा-माले उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव कॉमरेड सुधाकर यादव ने किया।
मताधिकार और नागरिकता के अधिकार पर हमले का लगाया आरोप
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कॉमरेड सुधाकर यादव ने कहा कि मोदी सरकार भारतीय लोकतंत्र के अंतिम किले मताधिकार और नागरिकता के अधिकार पर हमला कर रही है तथा इन अधिकारों को छीनने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में देश के छात्र-युवा और नागरिक सड़कों पर उतरकर प्रतिरोध कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों ने दिल्ली घेरकर, महिलाओं ने शाहीन बाग आंदोलन के माध्यम से और श्रमिकों ने अपने संघर्षों से जनप्रतिरोध की जो मिसाल पेश की थी, शिक्षा, रोजगार और मताधिकार के सवाल पर जारी युवा आंदोलन उसे नई ऊंचाई दे रहा है। उनके मुताबिक, छात्र-युवा आंदोलन ने संघ-भाजपा की सांप्रदायिक विभाजनकारी राजनीति को चुनौती देते हुए व्यापक सामाजिक एकता का रास्ता खोला है।
सुधाकर यादव ने उम्मीद जताई कि जिला सम्मेलन देशभर में चल रहे जन आंदोलनों को गांव-गांव तक संगठित करने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करेगा।
वामपंथी एकता और व्यापक जनसंघर्ष पर जोर
सम्मेलन को शुभकामनाएं देते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के गाजीपुर जिला सचिव कॉमरेड जनार्दन राम ने वामपंथी दलों के बीच एकता को समय की जरूरत बताया। वहीं, एमसीपीआई के वरिष्ठ नेता कॉमरेड अनुभव दास ने जन आंदोलनों को मजबूत बनाने के लिए व्यापक एकजुटता का आह्वान किया।
इस दौरान भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी के सदस्य कॉमरेड ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा और पार्टी के जिला सचिव कॉमरेड ओमप्रकाश सिंह ने भी उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। वक्ताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष तेज करने की आवश्यकता पर बल दिया।
संगठन की मजबूती और जनसमस्याओं पर आंदोलन की बनेगी रणनीति
भाकपा-माले के इस जिला सम्मेलन में जिले में पार्टी संगठन को मजबूत बनाने, आम जनता से जुड़ी समस्याओं पर संघर्ष तेज करने तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। सम्मेलन में संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी कार्यक्रमों की दिशा भी तय की जाएगी।
दो दिवसीय यह सम्मेलन शुक्रवार को संपन्न होगा।

