जमानियां (गाजीपुर)। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुंदन खरवार ने कार्यकर्ताओं के साथ गुरुवार को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी निधि को सौंपा। ज्ञापन में बालाघाट में तत्काल हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने, स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और मृतक बच्चों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की गई।
कुन्दन खरवार ने ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाया कि 18 मई 2026 से अब तक बालाघाट जिले में मलेरिया, खसरा और कुपोषण के कारण 30 आदिवासी बच्चों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि लगातार बच्चों की मौत होना प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी निगरानी पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। कहा कि यह मामला केवल स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के जीवन, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया बालाघाट पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर चुके हैं और इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठा चुके हैं। सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर 6 सितंबर से रीवा में अनिश्चितकालीन ‘न्याय सत्याग्रह’ शुरू किया गया है।
आदिवासी कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के इस्तीफे, बालाघाट जिले में तत्काल हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने तथा मृतक बच्चों के प्रत्येक परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की। उक्त मौके पर अरविन्द कुमार मौर्य, जिशान जलाली, कमला यादव, मक्खन वर्मा, संजीव शर्मा, प्रवीण खरवार, विनोद कुमार, युसुफ बशर, विद्याशंकर, कयूम खां आदि कांग्रेसजन मौजूद रहे।








