जमानियां (गाजीपुर)। स्थानीय स्टेशन बाजार क्षेत्र के टोकवा गांव से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां गुरुवार को पति का अर्थी उठने के बाद वियोग में पत्नी ने भी अपना दम तोड़ दिया। जिसके बाद एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
बताया जा रहा है कि टोकवा गांव निवासी 80 वर्षीय बेचू बिंद कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे, गुरुवार की सुबह अचानक उनकी सांसें थम गई। घर में माहौल गमगीन हो गया और मृतक की 75 वर्षीय पत्नी कौशल्या देवी बिलखने लगी।
परिजन और गांव के लोग बेचू बिंद के अर्थी को लेकर अभी गांव से बाहर महज एक दो किलोमीटर की दूरी पर पहुंचे ही थे कि पति के जाने के वियोग में उनकी पत्नी कौशल्या देवी ने यह कहते हुए, कि ‘हमके छोड़ के त चल गईल, लेकिन हम तोहार पीछा ना छोड़ब’, अपना दम तोड़ दिया।
फिर क्या, इसकी जानकारी होते ही बेचू बिंद की अर्थी को वहीं रोक दिया गया और घर से उनकी पत्नी कौशल्या की अर्थी को भी लाया गया और एक साथ ही दोनों की अर्थी उठी। फिर क्षेत्र के श्मशान घाट पर एक ही चिता पर दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
इस घटना को जिसने भी सुना, वह हैरान हो गया और उम्र के अंतिम वक्त पर पति पत्नी के इस अटूट प्रेम और विश्वास की हर कोई सराहना करते हुए नजर आ रहा है। यह घटना न केवल पति पत्नी के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए समाज में रिश्तों की नींव मजबूत बनाए रखने के लिए एक आदर्श भी स्थापित करता है।










