जमानियां (गाजीपुर)। स्थानीय नगर में मोहर्रम की छठवीं की रात पूरी तरह गम और अकीदत में डूबा रहा। बुधवार देर रात नगर के विभिन्न चौकों से ताजियादारों ने परंपरागत ढंग से दुलदुल का घोड़ा निकाला।
यह जुलूस सैकड़ों अकीदतमंदों की मौजूदगी में सैयदबड़ा चौक पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में मजहबी रस्मों को संपन्न किया गया। सैयदबड़ा चौक पर पहुंचते ही जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने नौहा और मासिया पढ़कर इमाम हुसैन की शहादत को याद किया।
“या हुसैन” की सदाओं से इलाका देर रात तक गूंजता रहा। दुलदुल का घोड़ा देखने के लिए नगरवासियों के साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे। भीड़ को देखते हुए सैयदबड़ा चौक पर मेले जैसा दृश्य नजर आया। जुलूस में शामिल हुए लोग छाती पीटते हुए इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते रहे। ताजियादारों ने अपने-अपने चौकों से विधिवत ढोल-ताशों और अलम के साथ जुलूस निकाला।










