दिलदारनगर (गाजीपुर)। गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव की पूर्व संध्या पर मंगलवार की शाम नगर में सिख समाज द्वारा भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें हिंदू-मुस्लिम एकता की अनोखी मिसाल देखने को मिली।
शोभा यात्रा में शामिल महिलाएं और पुरुष सबद-कीर्तन करते हुए “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयघोष लगा रहे थे। पंच प्यारे हाथों में तलवार लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे, जबकि मिर्जापुर, रामपुर और लखीमपुर से आई गतका पार्टी ने करतब दिखाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नगर में जगह-जगह लोगों ने छतों से पुष्पवर्षा कर शोभा यात्रा का स्वागत किया। दोपहर दो बजे गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा से अरदास के बाद यात्रा का शुभारंभ हुआ। सबसे आगे बैंड-बाजा और विद्यालयों की छात्राएं डांडिया नृत्य करती हुई चल रही थीं। रथ पर विराजमान गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी की सेवादारी ग्रंथी सरदार महताब सिंह कर रहे थे, जबकि सबसे पीछे महिलाएं सबद-कीर्तन में लीन थीं।
मुख्य बाजार, बड़ी नहर पुलिया और सरैला चट्टी मार्ग से होते हुए यात्रा रात्रि आठ बजे गुरुद्वारे पहुंचकर अरदास के साथ संपन्न हुई। गुरुद्वारा समिति के अध्यक्ष सरदार परलोक सिंह ने बताया कि बुधवार को गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव पर अखंड पाठ का समापन, निशान साहब का पूजन और रात्रि में लंगर का आयोजन किया जाएगा।
पूरी यात्रा में थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह चंदेल दल-बल सहित सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहे। शोभा यात्रा में सरदार जसवंत सिंह, डॉ. दलजीत सिंह, मंजीत सिंह, हरमीत सिंह, परमजीत सिंह, गुरदीप सिंह सैंकी, जसप्रीत सिंह, चेयरमैन अविनाश जायसवाल, भगवान शाह, लक्ष्मण शर्मा, अत्ताउल्ला राइन, अजय गुप्ता आदि प्रमुख लोग मौजूद रहे।










