रामलीला मैदान में तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन, 26 अक्टूबर को भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रम का होगा आयोजन
जमानियां (गाजीपुर)। स्थानीय ब्लॉक तिराहा पर महर्षि जमदग्नि ऋषि की प्रतिमा स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा समारोह का भव्य आयोजन 24 से 26 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। तीन दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में वैदिक अनुष्ठानों, प्रतिमा स्थापना, प्राण प्रतिष्ठा, भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से धर्म, संस्कृति, आस्था और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया जाएगा।
कार्यक्रम के संयोजक व नगर पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता ने क्षेत्र के समस्त श्रद्धालुओं, धर्मप्रेमियों और नगरवासियों से परिवार सहित समारोह में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सप्तऋषियों में शामिल महर्षि जमदग्नि ऋषि की प्रतिमा की स्थापना धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति, ऋषि परंपरा और सनातन धर्म के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
तीन दिनों तक होंगे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम
24 अक्टूबर, शनिवार : कलश पूजन से होगा शुभारंभ
समारोह के पहले दिन शनिवार, 24 अक्टूबर को सुबह आठ बजे कलश पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ अनुष्ठान संपन्न कराए जाएंगे।
25 अक्टूबर, रविवार : प्रतिमा स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा
आयोजन के दूसरे दिन रविवार, 25 अक्टूबर को महर्षि जमदग्नि ऋषि की प्रतिमा स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर श्रद्धालु पूजन-अर्चन कर महर्षि के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करेंगे। धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से ऋषि परंपरा और आध्यात्मिक विरासत के महत्व को रेखांकित किया जाएगा।
26 अक्टूबर, सोमवार : भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रम
तीन दिवसीय समारोह के अंतिम दिन सोमवार, 26 अक्टूबर को दोपहर एक बजे भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद अपराह्न तीन बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक एकता का संदेश दिया जाएगा।
ऋषि परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की पहल
कार्यक्रम संयोजक जयप्रकाश गुप्ता ने कहा कि महर्षि जमदग्नि ऋषि की प्रतिमा स्थापना केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय ऋषि परंपरा के सम्मान और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का प्रयास भी है। इस तरह के आयोजन समाज में धार्मिक चेतना जागृत करने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में समारोह में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की। साथ ही धर्म, संस्कृति, आस्था और सामाजिक सद्भाव के इस आयोजन में सहभागी बनने का आह्वान किया।

