जमानियां (गाजीपुर)। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के दृष्टिगत जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने सोमवार को तहसील सेवराई के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण के बाद तहसील सभागार जमानियां में बैठक कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
इस दौरान पशुपालन विभाग को निर्देश दिया गया कि गांव में मौजूद सभी पशुओं का युद्धस्तर पर अभियान चलते हुए टीकाकरण कराया जाए। बाढ़ के दौरान पशुओं में संक्रामक रोग फैलने का खतरा रहता है, इसलिए पहले से बचाव जरूरी है। साथ ही पशुओं के लिए भूसे और हरे चारे का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। जिला पूर्ति विभाग को निर्देशित किया गया कि बाढ़ प्रभावित गांवों के पंचायत भवनों और बाढ़ शरणालयों में कम से कम 15 दिनों के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री और स्वच्छ पेयजल का अग्रिम भंडारण करा दिया जाए, ताकि बाढ़ की स्थिति में लोगों को परेशानी न हो।

मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि सभी बाढ़ चौकियों और शरणालयों पर चिकित्सकों की टीम तैनात रहे। पर्याप्त मात्रा में ओआरएस, क्लोरीन टेबलेट, बुखार, उल्टी-दस्त की दवाएं और एंटी वेनम इंजेक्शन उपलब्ध रहें। गांव की गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर बीमार व्यक्तियों की सूची पहले से तैयार रखी जाए। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग और तहसील प्रशासन को निर्देश दिया कि बाढ़ से प्रभावित और जलमग्न होने वाले सभी मार्गों पर तत्काल बैरिकेडिंग लगाई जाए और खतरे के निशान लगाए जाएं, ताकि कोई भी व्यक्ति अनजाने में उधर न जाए। पर्याप्त संख्या में नाव, नाविक और लाइफ जैकेट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बाढ़ शरणालयों में बिजली, पानी और शौचालय की व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा जिला और तहसील स्तर पर 24 घंटे बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो लगातार जलस्तर पर नजर रख रहा है। किसी भी आपात स्थिति में ग्रामीण तत्काल कंट्रोल रूम को सूचित कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने सभी ग्राम पंचायत में कंट्रोल रूम नंबर चस्पा करने के भी निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम निधि, तहसीलदार रामनारायण वर्मा, नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार, खंड विकास अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।








