जमानियां (गाजीपुर)। स्थानीय तहसील के बार एसोसिएशन, वसीकानवीस, स्टाम्प वेंडर तथा दस्तावेज लेखकों ने सोमवार को संयुक्त रूप से बैठक कर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उपनिबंधक कार्यालयों के निजीकरण के प्रस्ताव का विरोध प्रदर्शन किया और रविन्द्र जायसवाल, मंत्री स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग उत्तर प्रदेश के नाम एक ज्ञापन एसडीएम मनोज कुमार पाठक व उपनिबंधक कुमार हिमांशु को सौंपा।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता जयप्रकाश राम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उपनिबंधक कार्यालयों के निजीकरण के प्रस्ताव पर गहन चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों ने प्रदेश सरकार के इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए इसे आजीविका पर गहरा संकट बताया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण लागू होने से अधिवक्ताओं, वसीकानवीसों, स्टाम्प वेंडरों और दस्तावेज लेखकों के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा, जिससे व्यापक स्तर पर परेशानियां उत्पन्न होंगी।

इसके विरोध में सर्वसम्मति से मांग पत्र तैयार किया गया जिसमें प्रदेश के सभी उपनिबंधक कार्यालयों का निजीकरण तत्काल प्रभाव से बंद करने, नए अधिवक्ताओं को पांच वर्षों तक प्रति माह ₹5000 भत्ता देने, सभी जनपदों व तहसीलों में ई-लाइब्रेरी की व्यवस्था करने,
न्यायालय परिसरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने, वृद्ध अधिवक्ताओं के लिए पेंशन व्यवस्था लागू करने तथा अधिवक्ताओं, वसीकानवीसों व स्टाम्प वेंडरों को आयुष्मान कार्ड जारी करने व अधिवक्ताओं की सुरक्षा हेतु शस्त्र लाइसेंस जारी किये जाने की मांग की गई।
बार एसोसिएशन ने शासन से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक आदेश जारी करने की अपील की है। उक्त बैठक में अधिवक्ता कमलकांत राय, मुनेश कुशवाहा, धनंजय राय, उदय नारायण सिंह, फैसल होदा, मेराज हसन, घनश्याम, अरुण कुमार सिंह, नीरज सिंह सहित दर्जनों अधिवक्ता शामिल रहे।

