भ्रष्ट लेखपाल पर मेहरबान तहसील प्रशासन

जमानियां (गाजीपुर)। स्थानीय तहसील के चर्चित लेखपाल रमेश सोनकर पर फाट बंदी के लिए रुपया लेने के आरोप के मामले में तहसील प्रशासन ने लेखपाल पर सख्त कारवाई न करके बल्कि उसका कार्यक्षेत्र मोहम्मदपुर गांव से बदल कर देवैथा व करमहरी गांव कर दिया है। ऐसे में तहसील प्रशासन की कार्य प्रणाली सवालों के घेरे में है। हालांकि इससे पूर्व में भी लेखपाल पर निलंबन की कारवाई व सैदपुर में घुस लेने के मामले में भी गिरफ्तार हुआ था।

मोहम्मदपुर गांव निवासी शैलेश कुमार ने बताया कि एसडीएम न्यायिक के न्यायालय से गाटा संख्या 333 का फाट बंदी का आदेश बीते मार्च 25 में हो गया था तथा 20 अप्रैल तक इसकी रिपोर्ट भी लेखपाल से मांगी गई थी। आरोप है कि लेखपाल ने फाट बंदी का कागज बनाने के लिए प्रार्थी से पहले 50 हजार रुपया की मांग की थी लेकिन रुपया देने में असमर्थता जताया तो लेखपाल ने कहा की रुपया नहीं देंगे तो फाट बंदी का कागज नहीं बन पाएगा और मैं यथास्थिति का कागज बनाकर न्यायलय में दे दूंगा, नहीं तो 35 हजार ही दीजिये।

लेखपाल द्वारा आवास पर बुलाने पर उनको पहले दो हजार ,फिर आठ हजार, फिर बीस हजार व पांच हजार लिए है।जिसका ऑडियो भी लेखपाल से रुपया के संबंध में हुए वार्ता का भी है। लेकिन अब पुनः दस हजार रुपये की मांग न्यायलय में रिपोर्ट को जमा करने के लिए लेखपाल रमेश सोनकर मांग कर रहे है। पैसा नहीं देने पर रिपोर्ट जमा नहीं करने की बात कही है।

इसकी जानकारी थाना दिवस पर एसडीएम ज्योति चौरसिया को दिया गया है। इस बारे में पूछे जाने पर तहसीलदार रामनारायन वर्मा ने बताया कि लेखपाल रमेश सोनकर को मोहम्मदपुर से हटा दिया गया है।

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