दिलदारनगर (गाजीपुर)। क्षेत्र के भक्सी गांव स्थित शांति के डेरा पर मंगलवार की सुबह डीएमएलटी के छात्र अंबुज रावत (24) का शव घर के आंगन में संदिग्ध हालात में मिलने से सनसनी फैल गई। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस प्रथम दृष्टया मामले को आत्महत्या मान रही है।
जानकारी के अनुसार, अंबुज रावत वाराणसी में डीएमएलटी अंतिम वर्ष का छात्र था। उसके पिता रमाशंकर रावत लखनऊ में आरपीएफ में उप निरीक्षक पद पर तैनात हैं। मूल रूप से परिवार नगसर नेवाजू राय का रहने वाला है लेकिन भक्सी गांव के शांति के डेरा पर भी उनका मकान है।
भाई सिद्धार्थ शंकर ने बताया कि सोमवार रात करीब 10 बजे अंबुज वाराणसी से घर आया था। देर रात घर की देखरेख करने वाला रजनीकांत जब पहुंचा तो दरवाजा बंद मिला। उसने सोचा कि अंबुज सो गए होंगे और वह वापस चला गया। सुबह फिर दरवाजा बंद मिलने पर उसने रोशनदान से देखा तो अंबुज का शव आंगन में पड़ा था। दूसरी चाभी से दरवाजा खोलकर उसने घटना की जानकारी स्वजनों और पुलिस को दी।
घटना की सूचना पाकर मां आशा देवी गांव से पहुंचीं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अंबुज के गले में रस्सी का निशान था, वहीं सिर पर चोट और मोबाइल भी जमीन पर पड़ा मिला।
थाना प्रभारी अशोक मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस प्रेम-प्रसंग की भी जांच कर रही है।










