दिलदारनगर (गाजीपुर)। स्थानीय थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर प्रसूता की मौत के मामले में शाश्वत हॉस्पिटल के प्रबंधक सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जिससे हॉस्पिटल प्रबंधन में हड़कम मच गया है।
पीड़ित सुनील कुमार पुत्र नंदू राम निवासी ग्राम देवा बैरनपुर थाना जमानियां हाल पता ग्राम गहमर ने जनपद न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसकी गर्भवती पत्नी ममता शर्मा का प्रसव कराने के लिए बीते 5 सितम्बर 25 को मेडिकल चलाने वाली करहियां गांव की विमला गुप्ता के माध्यम से बड़ी नहर दिलदारनगर स्थित शाश्वत हॉस्पिटल में अपना परिचित व भरोसेमंद अस्पताल बताकर ले गई और दोपहर 12 बजे एडमिट करा दिया।
एडमिट कराने के बाद डॉक्टर से कुछ पैसे लेने के बाद विमला गुप्ता बिना बताए वहां से चली गई। 5/6 की रात करीब 2:20 बजे डाक्टर द्वारा पत्नी का प्रसव कराया गया। लेकिन लापवाही के कारण उसकी पत्नी का ब्लडप्रेशर व रक्तस्राव नहीं रुका, जिससे घबरा कर डाक्टर ने उसे बीएचयू वाराणसी के लिए रेफर कर दिया।
उसकी पत्नी कोमा में जा चुकी थी, बावजूद इसके वह शाश्वत हॉस्पिटल के एम्बुलेंस से बीएचयू वाराणसी के लिए निकल गए, लेकिन रास्ते में ही उसकी पत्नी की मौत हो गईं। पत्नी की मौत का जिम्मेदार हॉस्पिटल, तत्कालीन डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए 23 सितंबर को पुलिस अधीक्षक के नाम प्रार्थना पत्र रजिस्ट्री भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई न होने से दुखी होकर जिला न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेकर शाश्वत हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई के लिए दिलदारनगर थाना को आदेशित किया। जिसपर स्थानीय थाना ने हॉस्पिटल के प्रबंधक, तत्कालीन डाक्टर व विमला गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई में जुट गई है।










